राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 6 अक्टूबर मंगलवार को 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेण्डाजॉल की गोली खिलायी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.ओ.पीजुगतावत ने बताया कि जिले भर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सभी शासकीय, अशासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त शालाओं, आदिवासी आश्रम शालाओं, छात्रावास एवं आगनवाडी केन्द्रों पर बच्चों को कृमि नाशक एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई।
शहरी क्षेत्र खण्डवा में महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला में पार्षद प्रतिनिधि द्वारा छात्राओं को एल्बेण्डाजॉल गोली का सेवन कराकर अभियान का शुभारंभ किया। इसी कम ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनप्रतिनिधियों द्वारा बच्चों को गोली खिलाई गई।
नोडल अधिकारी डॉ. अनिल तंतवार ने बताया कि 6 अक्टूबर को छुटे हुए बच्चो को 9 अक्टूबर को मॉप अप राउंड में यह गोली खिलाई जायेगी। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली और 2 से 19 वर्ष के बच्चों को एक गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जायेगी। साथ ही 20 से 49 वर्ष की महिलाओ (जो कि गभर्वती एवं धात्री नहीं है) को भी आंगनवाड़ी केन्द्र पर गोली खिलाई जावेगी।
कृमि होने से बच्चों के शारीरिक, मानसिक विकास में वृद्धि अवरूद्ध हो जाती है। कृमि कई कारणों से बच्चे के पेट में पहुंच सकते है जैसे- नंगे पैर खेलने, बिना हाथ धोये खाना खाने, खुले में शौच करने, साफ-सफाई न रखने से होते हैं और कृमि होने से खून की कमी (एनीमिया) कुपोषण, भूख न लगना थकान और बेचैनी, पेट में दर्द, उल्टी और दस्त आना, मल से खून आना, आदि हानिकारक प्रभाव पड़ते है। बच्चों को कृमि नाशक गोली खिलाने से कई तरह के लाभ होते जैसे खून की कमी में सुधार आना, बेहतर पोषण स्तर में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।



