कभी शादी-पार्टियों में हलवाई का काम करने वाले जुन्नारदेव निवासी श्री मनोज जमधरिया ने शायद नहीं सोचा था कि एक दिन उनकी अपनी पहचान होगी और लोग उनके नाम से पानीपुरी स्टॉल को जानेंगे। लेकिन मेहनत, लगन और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से मिले सहयोग ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। विकासखण्ड जुन्नारदेव के वार्ड क्रमांक-02 विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी श्री मनोज जमधरिया की आमदनी पहले पूरी तरह मौसमी काम पर निर्भर थी।
शादी-ब्याह का सीजन रहा तो कुछ कमाई हो जाती थी, नहीं तो परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता था। कोरोना महामारी के दौरान काम पूरी तरह बंद हो गया और परिवार आर्थिक संकट में घिर गया। इसी बीच उन्हें नगर पालिका परिषद जुन्नारदेव के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने आवेदन किया और 10 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर नगर क्षेत्र में पानीपुरी एवं चाट भंडार की शुरुआत की।
खास बातें
- विकासखण्ड जुन्नारदेव के वार्ड क्रमांक-02 विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी श्री मनोज जमधरिया की आमदनी पहले पूरी तरह मौसमी काम पर निर्भर थी।
- भरोसा बढ़ा तो बढ़ता गया कारोबार - पहले ऋण की किश्तें समय पर चुकाने के बाद उन्हें 20 हजार रुपये का दूसरा ऋण मिला।
- नियमित भुगतान और अच्छे रिकॉर्ड के कारण उन्हें तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का ऋण भी स्वीकृत हुआ।
शुरुआत छोटी थी, लेकिन स्वाद और व्यवहार ने ग्राहकों का भरोसा जीत लिया। धीरे-धीरे उनका ठेला लोगों की पसंद बनने लगा। भरोसा बढ़ा तो बढ़ता गया कारोबार - पहले ऋण की किश्तें समय पर चुकाने के बाद उन्हें 20 हजार रुपये का दूसरा ऋण मिला। इससे उन्होंने अपने व्यवसाय को और व्यवस्थित किया। नियमित भुगतान और अच्छे रिकॉर्ड के कारण उन्हें तीसरे चरण में 50 हजार रुपये का ऋण भी स्वीकृत हुआ।
आज उनका व्यवसाय पहले से कहीं अधिक मजबूत है। जो व्यक्ति कभी काम मिलने का इंतजार करता था, वह अब अपने स्वयं के व्यवसाय के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। उनकी दुकान से होने वाली आय ने परिवार को आर्थिक स्थिरता दी है और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।
श्री मनोज जमधरिया बताते हैं कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने कठिन समय में उन्हें नया संबल दिया और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया। वे इस सहयोग के लिए भारत सरकार, मध्यप्रदेश शासन, नगर पालिका परिषद जुन्नारदेव तथा बैंक प्रबंधन के प्रति हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हैं।






