प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए आशियाने का सपना साकार करने वाली एक महत्वपूर्ण योजना साबित हो रही है। इसका जीवंत उदाहरण नगर पालिका परिषद मलांजखण्ड के वार्ड क्रमांक 01, करहू निवासी श्री केहर सिंह मरकाम हैं, जिनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना आज हकीकत बन चुका है। 45 वर्षीय श्री केहर सिंह मरकाम अपने परिवार के साथ लंबे समय तक एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को विवश थे।
हर वर्ष बारिश का मौसम उनके परिवार के लिए चिंता और परेशानी लेकर आता था। घर की छत और दीवारों से पानी टपकता था, जिससे पूरे परिवार को रातभर जागकर समय बिताना पड़ता था। साथ ही सांप-बिच्छुओं जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी हमेशा बना रहता था। सीमित कृषि आय के कारण स्वयं के संसाधनों से पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था।
खास बातें
- वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया।
- योजना के अंतर्गत उनका चयन हुआ और उन्हें 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत हुई।
- शासन से प्राप्त इस सहायता का उन्होंने पूरी ईमानदारी और समझदारी से उपयोग करते हुए अपने परिवार के लिए एक मजबूत एवं सुरक्षित पक्का मकान तैयार कराया।
वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया। योजना के अंतर्गत उनका चयन हुआ और उन्हें 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत हुई। शासन से प्राप्त इस सहायता का उन्होंने पूरी ईमानदारी और समझदारी से उपयोग करते हुए अपने परिवार के लिए एक मजबूत एवं सुरक्षित पक्का मकान तैयार कराया।
आज श्री केहर सिंह मरकाम का परिवार अपने नए घर में सुरक्षित, सम्मानजनक और सुखद जीवन व्यतीत कर रहा है। बरसात के दिनों की चिंता अब बीते समय की बात हो गई है। पक्के घर ने न केवल उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का नया संबल भी दिया है।
अपनी खुशी व्यक्त करते हुए श्री केहर सिंह मरकाम कहते हैं, "प्रधानमंत्री आवास योजना ने मुझे केवल एक पक्का घर ही नहीं दिया, बल्कि मेरे परिवार को सुरक्षित भविष्य और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर भी दिया है।
इसके लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं शासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।" श्री केहर सिंह मरकाम की यह कहानी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला रही हैं।







