जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी (दूरबीन विधि से पित्ताशय की पथरी का ऑपरेशन) सफलतापूर्वक संपन्न की है। इस उपलब्धि के साथ अब जिले के मरीजों को इस अत्याधुनिक सर्जरी के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह की दूरदर्शी पहल और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता प्रमुख रही। उनके प्रयासों से एनटीपीसी गाडरवारा द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व ( सीएसआर ) के अंतर्गत लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से जिला चिकित्सालय को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए। इन्हीं उपकरणों की मदद से यह जटिल सर्जरी पहली बार सफलतापूर्वक की जा सकी।
खास बातें
- इन्हीं उपकरणों की मदद से यह जटिल सर्जरी पहली बार सफलतापूर्वक की जा सकी।
- ऑपरेशन थियेटर टीम के नर्सिंग ऑफिसर भूपेंद्र सोलंकी, सुश्मिता विश्वकर्मा, प्रिया हदयु एवं नितिन साहू ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ अपनी भूमिका निभाई।
- वहीं फार्मासिस्ट एवं ओटी टेक्नीशियन श्री अनीकेत पटेल का तकनीकी सहयोग भी अत्यंत सराहनीय रहा, जिनकी दक्षता से पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हुई।
यह शल्यक्रिया सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. इति चंदोरकर एवं डॉ. संदीप प्रजापति द्वारा सफलतापूर्वक की गई, जबकि एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. मनीष सिसोदिया ने डॉ. शुभलक्ष्मी सिंघाई के मार्गदर्शन में निभाई।
ऑपरेशन थियेटर टीम के नर्सिंग ऑफिसर भूपेंद्र सोलंकी, सुश्मिता विश्वकर्मा, प्रिया हदयु एवं नितिन साहू ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ अपनी भूमिका निभाई। वहीं फार्मासिस्ट एवं ओटी टेक्नीशियन श्री अनीकेत पटेल का तकनीकी सहयोग भी अत्यंत सराहनीय रहा, जिनकी दक्षता से पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हुई।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की एक उन्नत तकनीक है, जिसमें बड़े चीरे के स्थान पर छोटे-छोटे छिद्रों के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द होता है, रक्तस्राव कम होता है, संक्रमण की संभावना घटती है तथा मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने इस उपलब्धि पर पूरी सर्जिकल टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने बताया कि अब जिले के मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी।
सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजकुमार चौधरी एवं सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह एवं एनटीपीसी गाडरवारा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में जिले को और भी उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।
डॉ. राहुल नेमा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि जिला चिकित्सालय नरसिंहपुर में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी सेवाओं की सशक्त शुरुआत है। आने वाले समय में जिलेवासियों को और भी आधुनिक उपचार सुविधाएं यहीं उपलब्ध कराई जाएंगी।







