कभी अपने व्यवसाय को शुरू करने का सपना देखने वाली जिले के ग्राम कौड़िया निवासी श्रीमती अंजुलता चौकसे आज न केवल सफल उद्यमी हैं, बल्कि अपने व्यवसाय के माध्यम से 25 से 30 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही हैं। उनकी यह सफलता प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में बढ़ते कदमों की प्रेरणादायक मिसाल है।

श्रीमती अंजुलता चौकसे को समाचार पत्र के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। योजना के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने विभाग से संपर्क किया और योजना की पूरी प्रक्रिया को समझकर आवेदन किया।

खास बातें

  • श्रीमती अंजुलता चौकसे को समाचार पत्र के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली।
  • योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ इंडिया गांगई शाखा के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
  • वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रही हैं।

योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ इंडिया गांगई शाखा के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। श्रीमती चौकसे ने इस राशि का उपयोग फर्नीचर निर्माण के लिए मंगलम फर्नीचर के नाम से वर्कशॉप एवं दुकान स्थापित करने में किया। मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों से उनका व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया और आज मंगलम फर्नीचर गाडरवारा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम बन चुका है।

श्रीमती अंजुलता चौकसे अपने पति के साथ मिलकर व्यवसाय का संचालन कर रही हैं। व्यवसाय के विस्तार से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही उनके व्यवसाय से 25 से 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।

श्रीमती चौकसे बताती हैं कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए आर्थिक सहयोग और आत्मविश्वास प्रदान किया। योजना के माध्यम से मिले ऋण का सदुपयोग कर उन्होंने अपने हुनर और मेहनत को व्यवसाय में बदला और आज वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

श्रीमती चौकसे कहती हैं कि सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर युवा एवं इच्छुक व्यक्ति स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और लगन के साथ शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

श्रीमती अंजुलता चौकसे ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार एवं रोजगार सृजन योजनाएं छोटे उद्यमियों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं से उन्हें अपना व्यवसाय स्थापित करने और आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।