शासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सिवनी द्वारा संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी) योजना के अंतर्गत 23 जुलाई 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुनवारा में माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन विषय पर जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों में माहवारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, भ्रांतियों को दूर करना तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित माहवारी प्रबंधन के प्रति व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर सिवनी की केस वर्कर श्रीमती सोनल सक्सेना ने छात्राओं को माहवारी को एक सामान्य एवं प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया बताते हुए इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों एवं संकोच को दूर करने पर बल दिया। उन्होंने सैनिटरी पैड के सही उपयोग, निर्धारित समय पर पैड बदलने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, हाथों की नियमित सफाई तथा उपयोग किए गए सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान की विस्तृत जानकारी दी।
साथ ही माहवारी के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। उन्होंने माहवारी के दौरान होने वाले दर्द, अनियमित माहवारी एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में भी छात्राओं को जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर सिवनी की सेंटर एडमिन श्रीमती नारायणी सक्सेना ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली, महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंसा अथवा किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से प्रभावित महिलाओं एवं बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से कानूनी, चिकित्सीय, मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं अस्थायी आश्रय जैसी समेकित सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन एवं 1930 साइबर हेल्पलाइन का आवश्यकता पड़ने पर उपयोग करने के लिए छात्राओं को जागरूक किया।
कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) श्री विकास दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता श्री पंकज सोनी, विभागीय पर्यवेक्षक, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सुरक्षा एवं उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मविश्वास एवं सजगता के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।







