पेंच टाइगर रिजर्व, प्रबंधन सिवनी ने यह किया है कि बाघों का संरक्षण केवल वन विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही इसकी सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस-2026 के अवसर पर पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं स्थानीय समुदायों को बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

इस अभियान के अंतर्गत 137 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों तथा 130 इको विकास समितियों के माध्यम से 7989 विद्यार्थियों एवं 10881 ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों को बाघ संरक्षण का संदेश दिया गया। इस प्रकार कुल 18870 नागरिकों तक संरक्षण का संदेश प्रभावी रूप से पहुँचाया गया।

खास बातें

  • ग्रामीण क्षेत्रों में 17 "बाघ चौपाल" एवं 112 ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय समुदायों से संवाद स्थापित किया गया।
  • अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए "सयाने मोगली साइकिल " द्वारा, जिसमें 96 ग्रामों तक पर्यावरण एवं बाघ संरक्षण का संदेश दिया।
  • 29 जुलाई, अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

विद्यालयों में वन अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा जागरूकता व्याख्यान, मल्टीमीडिया प्रस्तुतियाँ, बाघ संरक्षण शपथ तथा संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को बाघों की पारिस्थितिक महत्ता, जैव विविधता संरक्षण, वनों के महत्व एवं मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के विषय में जानकारी प्रदान की गई।

युवाओं एवं विद्यार्थियों की रचनात्मक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पेंटिंग, पॉट पेंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, मेहंदी, रंगोली तथा स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने अपनी कला के जरिए वन्यजीव संरक्षण का प्रभावी संदेश समाज तक पहुँचाया।

ग्रामीण क्षेत्रों में 17 "बाघ चौपाल" एवं 112 ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय समुदायों से संवाद स्थापित किया गया। इन बैठकों में बाघ संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष के समाधान, वन संरक्षण, वन्यजीवों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर विशेष बल दिया गया।

अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए "सयाने मोगली साइकिल " द्वारा, जिसमें 96 ग्रामों तक पर्यावरण एवं बाघ संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही 5 किलोमीटर "रन फॉर टाइगर" मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 37 ईडीसी के 176 विद्यार्थियों, पर्यटन गाइडों, वन अमले एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस कार्यक्रम में स्थानीय सरपंचों का सहयोग प्राप्त कर इस प्रयास को सराहा गया।

29 जुलाई, अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।

267 विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 18,870 लोगों तक पहुँच बनाकर पेंच टाइगर रिजर्व ने बाघ संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता और सहभागिता विकसित करने की एक प्रभावी पहल है। पेंच टाइगर रिजर्व का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को बाघ एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए प्रेरित करने की दिशा में निरंतर प्रयत्नशील है।