मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड ग्यारसपुर द्वारा ग्राम मानौरा में तरफदार माणकचंद जी के स्थान स्थित प्राचीन बावड़ी पर ' जल गंगा संवर्धन अभियान ' के तहत एक विशेष ' बावड़ी उत्सव ' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।
जल संरक्षण ही भविष्य की सुरक्षा: स्वदेश आचार्य कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक स्वदेश आचार्य ने पर्यावरण और जल की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, " जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी और अनिवार्य आवश्यकता है। पृथ्वी पर जीवन को बचाने के लिए हमें न केवल नए वृक्ष लगाने होंगे, बल्कि अपने पारंपरिक जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित करना होगा।
खास बातें
- बावड़ी पूजन और स्वच्छता के साथ हुआ जल संरक्षण का संकल्प -
- कार्यक्रम के दौरान बावड़ी परिसर की स्वच्छता, रंगोली, हार-माला की मनमोहक सजावट एवं दीप प्रज्वलन किया गया।
- ग्रामीणों ने विधिवत बावड़ी का पूजन किया और इसके पश्चात जल संगोष्ठी आयोजित की गई।
प्रत्येक व्यक्ति को जल के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इसकी एक-एक बूंद को सहेजने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में परामर्शदाता राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा, " इस बावड़ी उत्सव का मूल उद्देश्य समाज को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हमारे पारंपरिक जल स्रोतों के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना है। हम सिर्फ पर्यावरण दिवस मना नहीं रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक अभियान चला रहे हैं।" उन्होंने BSW-MSW के छात्र-छात्राओं व ग्रामवासियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
बावड़ी पूजन और स्वच्छता के साथ हुआ जल संरक्षण का संकल्प -
कार्यक्रम के दौरान बावड़ी परिसर की स्वच्छता, रंगोली, हार-माला की मनमोहक सजावट एवं दीप प्रज्वलन किया गया। ग्रामीणों ने विधिवत बावड़ी का पूजन किया और इसके पश्चात जल संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन हेतु सामूहिक संकल्प लिया कि "जल बचाएंगे, जीवन बचाएंगे तथा प्राचीन जल स्रोतों को पुनर्जीवित करेंगे।







