मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के विकासखंड थांदला अंतर्गत ग्राम पंचायत चापानेर के ग्राम चवरिया में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। लगभग 79 परिवारों वाले इस जनजातीय बहुल गांव जिसका मुख्य व्यवसाय कृषि एवं मजदूरी है। इसके साथ ही ग्रामीण पशुपालन कर अपनी आजीविका संचालित करते हैं।
पहले पानी के लिए करना पड़ता था संघर्ष
ग्राम चवरिया की निवासी श्रीमती गंगा पति श्री भूरा खड़िया ने बताया कि उनके परिवार में कुल सात सदस्य हैं, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं। सभी बच्चे विद्यालय में अध्ययनरत हैं, जिनमें दो बच्चे शासकीय हाईस्कूल में कक्षा 10वीं एवं 9वीं में अध्ययन कर रहे हैं तथा अन्य बच्चे कक्षा 8वीं, 5वीं एवं 3वीं में पढ़ते हैं। गंगा स्वयं कृषि कार्य करती हैं तथा अपने परिवार की देखभाल करती हैं, जबकि उनके पति कृषि एवं मजदूरी कार्य से परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व गांव में पेयजल की गंभीर समस्या थी। पानी लाने के लिए उन्हें घर से लगभग एक से दो किलोमीटर दूर स्थित कुएं तक जाना पड़ता था। एक बार पानी लाने के बाद पुनः पानी के लिए जाना पड़ता था, जिसमें आधा से एक घंटा केवल पानी लाने-ले जाने में ही व्यतीत हो जाता था। इसके बाद घर का कार्य, बच्चों की देखभाल, खेती तथा पशुओं की देखरेख जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना अत्यंत कठिन हो जाता था।
ग्राम चवरिया के सरस्वती स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती बसंती खड़िया एवं सचिव श्रीमती लत्ता खड़िया ने बताया कि पहले पूरा गांव पानी की समस्या से जूझ रहा था। ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता था। कई बार जिन घरों में निजी बोरवेल उपलब्ध थे, वहां से पानी लेना पड़ता था तथा हैंडपंपों पर भी निर्भर रहना पड़ता था। पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
श्रीमती लत्ता खड़िया, श्रीमती बसंती खड़िया, श्रीमती गंगा खड़िया, श्रीमती मेघा मानसिंह एवं श्रीमती नर्मदी खड़िया ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में स्थापित समवेल एवं नल-जल योजना के माध्यम से अब प्रत्येक घर में प्रतिदिन लगभग 30 से 40 मिनट तक पानी की आपूर्ति होती है। इससे ग्रामीणों के समय की बचत हो रही है और दैनिक कार्यों को सुगमता से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब पशुओं को पानी एवं चारा देना, गोबर साफ करना, दूध निकालना, घर की साफ-सफाई करना, बर्तन एवं कपड़े धोना, भोजन तैयार करना तथा बच्चों को समय पर विद्यालय भेजना आसान हो गया है। इसके साथ ही परिवार के सदस्य कृषि, मजदूरी एवं अन्य कार्यों के लिए भी समय पर जा पा रहे हैं।
जल जीवन मिशन से मिला रोजगार का अवसर
ग्राम चवरिया निवासी श्री वॉलमेन तेरसिंह खड़िया ने बताया कि पूर्व में गांव में पानी की अत्यधिक समस्या थी, लेकिन जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के बाद गांव की यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि गांव के लगभग 75 परिवारों और चार फलियों में जलापूर्ति व्यवस्था संचालित की जा रही है, जिसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन से उन्हें रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ है तथा गांव के प्रत्येक परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य कर उन्हें आत्मसंतोष एवं सामाजिक सम्मान की अनुभूति हो रही है।
स्वाभिमान, आत्मसम्मान और खुशी का प्रतीक बनी योजना
ग्राम चवरिया के ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन उनके लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन की आधारशिला साबित हुई है। अब उन्हें घर बैठे शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। ग्रामीणों ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन ने उनके जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया है।





